Sonbhadra News : साधु के वेश में ठगी का अनोखा कारनामा, सुनकर पुलिस भी हैरान, पढ़ें पूरी खबर
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2:25 PM, Sep 8, 2026
कहानी फिल्मी मगर हकीकत है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा। हैरान करने वाली यह घटना जब पुलिस के सामने आई तो पुलिस भी सन्न रह गयी।


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आनंद चौबे/प्रकाश खत्री (संवाददाता)
सोनभद्र । कहानी फिल्मी मगर हकीकत है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा। हैरान करने वाली यह घटना जब पुलिस के सामने आई तो पुलिस भी सन्न रह गयी।
सोनभद्र पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो ऐसे परिवार को चिंहित करते हैं जिनके घर से कोई बेटा, बेटी अथवा अन्य परिजन लंबे समय से लापता हो। इसके बाद गिरोह पूरी योजना बनाकर साधु अथवा अन्य वेश धारण कर परिवार तक पहुंचते हैं।
ऐसे ही मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक बर्मा ने बताया कि रामसूरत साहनी के साले का बेटा करीब 13 वर्षों से लापता था। इसी दौरान नाग पंचमी के अवसर पर दो व्यक्ति साधु के वेश में मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र स्थित पिपरझर पहुंचे। दोनों व्यक्तियों द्वारा परिवार के लोगों से संपर्क कर स्वयं को 13 वर्षों से लापता युवक बताया गया तथा परिवार एवं रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
आरोपियों द्वारा सुनियोजित तरीके से परिवार की भावनाओं का फायदा उठाते हुए कथित युवक के परिवार से मिलने पर रोने का नाटक किया गया तथा लंबे समय बाद परिवार से मिलने की भावनात्मक स्थिति उत्पन्न की गई। बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए परिवार के लोगों को एक मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया। मामला सफल होते देख गिरोह के सदस्य परिवार को विंध्याचल बुलाया। परिवार के लोग लापता बेटे के मिलने की उम्मीद में लिए विंध्याचल पहुंच गए, जहां आरोपियों द्वारा कथित युवक को परिवार का बेटा साबित करने के लिए उसके शरीर पर मौजूद बताए जा रहे निशान भी दिखाए, ताकि परिजनों को उसकी पहचान के संबंध में विश्वास हो सके।
इसके पश्चात कथित युवक द्वारा अपने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर जाने से इनकार कर दिया गया और गुरु को दक्षिणा एवं भंडारे के नाम पर 4 हजार लोगों को 4 बार भोजन कराने की बात कही गई। इसके लिए परिवार से 6 लाख रुपये की मांग की गई।
इतनी बड़ी रकम सुनकर परिवार के होश उड़ गए। जब परिवार अपनी गरीबी की मजबूरी बताने लगे तो आरोपियों द्वारा रुपये नहीं देने पर परिवार में गंभीर बीमारियां होने तथा परिवार के पूरी तरह बर्बाद होने जैसी बातें बताई गयी।
पीड़ित परिवार लगातार इतनी बड़ी रकम जुटाने में खुद को असहाय बताता रहा लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा, लेकिन बाद में मामला 5 लाख रुपये में तय हो गया।