Sonbhadra News : फाइलेरिया पर वार! दुद्धी व चतरा में नाइट ब्लड सर्वे शुरू, घर-घर जाकर हो रही जांच
sonbhadra
6:12 PM, Apr 21, 2026
जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल करते हुए दुद्धी और चतरा विकास खंड के चयनित गांवों में नाइट ब्लड सर्वे शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत रात के समय लोगों के खून की...


Share:
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल करते हुए दुद्धी और चतरा विकास खंड के चयनित गांवों में नाइट ब्लड सर्वे शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत रात के समय लोगों के खून की जांच कर रोगियों की पहचान की जा रही है। अब तक दो विकास खंडों से चयनित छह गांवों में से तीन में सर्वे कार्य शुरु कर दिया गया है।
फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में दुद्धी और चतरा विकास खंड के तीन-तीन गांवों में नाइट ब्लड सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस सर्वे के माध्यम से संभावित फाइलेरिया रोगियों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि "दुद्धी विकास खंड के अमवार गांव में 300 तथा घिवही में 204 लोगों का सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि झारोकला में सर्वे कार्य कराया जाना शेष है। वहीं चतरा विकास खंड के विरधी गांव में 240 लोगों की जांच की जा चुकी है, जबकि चपईल और पिथौरी गांवों में सर्वे कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे इसलिए कराया जाता है क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी रात के समय ही खून में सक्रिय रहते हैं, जिससे जांच में सटीक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्वे टीम का सहयोग करें और जांच के दौरान सही जानकारी दें, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार संभव हो सके।"
वहीं सीएमओ डॉ0 पंकज कुमार राय ने बताया कि "यह रोग बेहद घातक है। इसके लक्षण कई साल बाद उभरते हैं। हालांकि, जांच में पुष्टि होने पर तत्काल दवाएं शुरू हों तो इसकी रोकथाम मुमकिन है। अनदेखी से मरीज की हालत गंभीर होने की आशंका रहती है। हाथी पांव रोग फाइलेरिया परजीवी से ही होता है। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए नाइट ब्लड सर्वे बेहद अहम कड़ी है। हमारी टीम पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। लोगों का सहयोग मिलेगा तो हम इस बीमारी को जड़ से खत्म करने में सफल होंगे।"