Sonbhadra News : अब रोजगार के लिए नहीं करना होगा पलायन, मारकुंडी में विकसित होगा 50 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र
sonbhadra
12:12 PM, Jul 5, 2026
ऊर्जा राजधानी के रूप में देशभर में अपनी पहचान रखने वाला सोनभद्र अब औद्योगिक विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिले को औद्योगिक और कौशल विकास.....


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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ऊर्जा राजधानी के रूप में देशभर में अपनी पहचान रखने वाला सोनभद्र अब औद्योगिक विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिले को औद्योगिक और कौशल विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत मारकुंडी क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर 'सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र' विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार के लिए उनका पलायन रोका जा सके।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन के निर्देश पर परियोजना के लिए भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। यह परियोजना न केवल जिले के औद्योगिक विकास को नई गति देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
एक ही परिसर में प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक की होगी सुविधा -
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यहां स्किल डेवलपमेंट सेंटर, औद्योगिक इकाइयां, उत्पादों के आउटलेट, प्रशासनिक सुविधाएं और हरित वातावरण विकसित किया जाएगा। युवाओं को आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें इसी औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था होगी।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा -
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जिलाधिकारी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र को प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर विकसित किया जाएगा। यहां बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज, हाई-स्पीड इंटरनेट सहित सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध रहेंगी। साथ ही उद्यमियों के लिए तैयार फैक्ट्री शेड भी विकसित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों की स्थापना में समय की बचत होगी और वे मशीनें लगाकर तत्काल उत्पादन शुरू कर सकेंगे।