Sonbhadra News : सोनभद्र में बैठक कर ब्राह्मणों ने दिखाई अपनी ताकत, कहा- जब-जब ब्राह्मण समाज करवट लिया है सरकारें बदली हैं
sonbhadra
9:06 PM, Jan 25, 2026
सोनभद्र में रविवार को रावर्ट्सगंज रामलीला मैदान में विशाल ब्राह्मण बैठक ने सियासत को और भी हवा दे दी।


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शान्तनु कुमार/आनंद चौबे
० बैठक में छाया रहा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले से लेकर यूजीसी के नये नियम तक का मामला
० ब्राह्मणों ने कहा- अब नहीं सहेगा अपमान
सोनभद्र। जहां एक तरफ प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले ने सियासत को गर्म कर दिया है और हिंदू दो खेमे में बटी हुई नजर आ रही है वहीं सोनभद्र में रविवार को रावर्ट्सगंज रामलीला मैदान में विप्र समागम सहभोज का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ब्राह्मणों बैठक ने सियासत को और भी हवा दे दी। खास बात यह थी कि इस ब्राह्मण बैठक में न सिर्फ पूरे जिले से ब्राह्मण इकट्ठा हुए थे बल्कि सभी राजनीतिक दलों के ब्राह्मण नेता भी उपस्थित हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी ब्राह्मणों को एक मंच पर लाकर अपनी एकजुटता दिखाना था । दलों से उपर उठकर सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख चेहरे चाहे वर्तमान सदर विधायक भूपेश चौबे हों या फिर विपक्ष के नेता व पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे हों उपस्थित नजर आए। गौर करने वाली बात यह थी कि
ब्राह्मण बैठक में ब्राह्मणों की अनदेखी के साथ उनपर हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी चर्चा में रहा। वहीं प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व उनके साधु- संतों के साथ किये गए मारपीट का मुद्दा भी छाया रहा।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि वह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से निवेदन करना चाहते हैं कि वे प्रयागराज में स्नान करें । उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि शंकराचार्य जी साथ जो कुछ भी गलत हुआ है उसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उन्होंने यह भी सवाल खड़ा कर दिया कि तमाम साधु संत और शंकराचार्य प्रयागराज स्नान करके वापस लौट गए उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ आखिर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ ही ऐसा क्यों हुआ।
वहीं सपा नेता जयप्रकाश पांडेय उर्फ चेखुर पांडेय ने कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा अत्याचार ब्राह्मणों का हुआ है, चाहे वह एनकाउंटर के रूप में हो या फिर प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार का मामला हो। सपा नेता ने बताया कि ब्राह्मण विधायकों द्वारा बाटी-चोखा का प्रोग्राम रखने पर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष द्वारा फटकार मिली थी, ये यह दर्शाता है कि इस सरकार में ब्राह्मणों का कोई कद्र नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि ब्राह्मणों का कोई कद्र है तो वह अखिलेश सरकार में ही है।