Sonbhadra news : कभी गूंजती थीं बंदूक की गोलियां, अब लग रहे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे
sonbhadra
11:55 AM, Oct 14, 2026
कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में चर्चित रहा जिले का आदिवासी बाहुल्य कनछ-कन्हौरा अंचल आज अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के रंग में नजर आ रहा है।


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राकेश चौबे
मारकुंडी (सोनभद्र)। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में चर्चित रहा जिले का आदिवासी बाहुल्य कनछ-कन्हौरा अंचल आज अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के रंग में नजर आ रहा है। चोपन थाना क्षेत्र के कनछ में आयोजित रामलीला में भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच धनुष यज्ञ और श्रीराम-सीता विवाह का भव्य मंचन किया गया। आयोजन में आदिवासी वनबंधुओं, बच्चों और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
नक्सल प्रभाव के कारण कभी चर्चा में रहने वाले इस वनांचल में रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता को सामने लाते हैं। कनछ रामलीला समिति के नवयुवकों के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जैसे ही भगवान श्रीराम ने शिवधनुष तोड़ा, पूरा रामलीला परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों और तालियों से गूंज उठा। राम-सीता विवाह के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कनछ के ग्राम प्रधान राजेश गौड़ ने पुलिस प्रशासन से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
रामलीला के आयोजन में बृज किशोर, नरेंद्र गुप्ता, अमृत विश्वास, विवेक गुप्ता, अखिलेश, शिवनाथ, अयोध्या, संजय मद्धेशिया, अविनाश और पवन पुरी सहित समिति के अन्य सदस्यों का योगदान रहा।