Sonbhadra News : मनमानी विद्यालय आते-जाते हैं गुरु जी, अंधकार में बच्चों का भविष्य
sonbhadra
6:32 PM, Mar 23, 2026
सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। कायाकल्प योजना से करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों और शिक्षण को आधुनिक रूप दिया जा रहा...


Share:
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। कायाकल्प योजना से करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों और शिक्षण को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसका मकसद सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कांवेंट जैसी सुविधा मिल सके। सरकार के तमाम प्रयास विद्यालयों में दम तोड़ते दिख रहे हैं। सुबह शिक्षकों के स्कूलों में न पहुंचने से बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। आरोप है कि निर्धारित समय से काफी देरी से स्कूलों में शिक्षक पहुंच रहे हैं। उनकी इस मनमानी से अभिभावकों में रोष है। ग्रामीणों ने भी सवाल उठाए हैं, उन्होंने लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर लगाम लगाने की मांग की है।
शासन से बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित परिषदीय स्कूलों के बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता को मजबूत करने पर बेहद जोर दिया जा रहा है लेकिन दुद्धी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की मनमानी से उनकी शिक्षा का स्तर बढ़ने के बजाए घटता जा रहा है। आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अधिकांश स्कूलों के शिक्षक निर्धारित समय से आधा-एक घंटे बाद पहुंचते हैं समय से पहले से चले जाते हैं। आज एक ग्रामीण की शिकायत पर ज़ब दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के रजखड़ स्कूल का पड़ताल किया गया तो पता चला कि उक्त स्कूल में 4 शिक्षक तैनात हैं लेकिन मौके मात्र दो ही शिक्षक मौजूद रहे, ज़ब प्रभारी प्रधानाचार्य से शिक्षकों के विषय में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक शिक्षक छुट्टी पर हैं और एक शिक्षक अभी कुछ देर पहले ही किसी काम से निकले हैं। किन्तु ज़ब स्कूल में खेल रहे बच्चों से शिक्षकों के बारे में पूछा गया तो बच्चों ने बताया कि शिक्षक प्रतिदिन लंच के बाद घर के लिए निकल जाते हैं। उसी तरह आज भी एमडीएम के बाद ही चले गए।
विज्ञापन
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेमशंकर राम ने कहा कि "इसकी जाँच करवाते हैं यदि लापरवाही मिली तो कार्यवाही की जाएगी।"