Sonbhadra News : HIV से रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, दो माह तक गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान
sonbhadra
8:53 PM, Aug 12, 2026
जिले में एचआईवी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। जनपद में वर्तमान में 1,826 एचआईवी संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। इस आंकड़े के.....


जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारीगण....
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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में एचआईवी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। जनपद में वर्तमान में 1,826 एचआईवी संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। इस आंकड़े के बीच स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए गांव से लेकर स्कूल-कॉलेज तक जागरूकता की मुहिम छेड़ दी है।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने किया। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देश पर शुरू हुआ अभियान 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
1,826 मरीजों का इलाज, अब जागरूकता पर जोर -
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद ने बताया कि "जनपद में वर्तमान में 1,826 मरीजों का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि एचआईवी के खिलाफ लड़ाई में सिर्फ उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संक्रमण से बचाव और सही जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से माइक्रोप्लान तैयार कर अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 200 ग्राम पंचायतों, 15 डिग्री कॉलेजों तथा 60 इंटरमीडिएट और हाईस्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ रोडवेज, आंगनबाड़ी केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं को भी अभियान से जोड़ा गया है।"
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भ्रम और डर नहीं, सही जानकारी से होगी रोकथाम - सीएमओ
सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि "एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की भ्रांतियां और डर मौजूद हैं। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं और आमजन को संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, जांच और उपचार के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही एचआईवी संक्रमण की रोकथाम की सबसे मजबूत कड़ी है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका संदेश गांव, स्कूल, कॉलेज और समुदाय के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने लोगों से एचआईवी से जुड़े किसी भी संदेह की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने और समय पर जांच एवं उपचार कराने की अपील की।"