Sonbhadra News : कार्यकर्ताओं की कथित डोजियर बनाने पर बिफरे वामदल, कार्यवाही रोकने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
sonbhadra
4:35 PM, Aug 29, 2026
उत्तर प्रदेश में वामपंथी कार्यकर्ताओं की कथित व्यक्तिगत निगरानी और उनका संवेदनशील निजी डेटा जुटाए जाने के विरोध में आज संयुक्त वामदल के बैनर तले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारत की कम्युनिस्ट.......


कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते वामदल के कार्यकर्ता......
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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश में वामपंथी कार्यकर्ताओं की कथित व्यक्तिगत निगरानी और उनका संवेदनशील निजी डेटा जुटाए जाने के विरोध में आज संयुक्त वामदल के बैनर तले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित निगरानी और डोजियर तैयार करने की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा वामपंथी आंदोलन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को फोन, व्हाट्सएप संदेश तथा प्रोफार्मा के माध्यम से निजी जानकारियां उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक खाते का विवरण, पारिवारिक वंशावली, निजी संपर्कों की सूची, चल-अचल संपत्ति, व्यवसाय, संपत्ति विवाद, सोशल मीडिया प्रोफाइल, डिजिटल गतिविधियों और आपराधिक रिकॉर्ड जैसी संवेदनशील सूचनाएं मांगी जा रही हैं।
वाम नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि कथित तौर पर डेटा उपलब्ध नहीं कराने पर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े लोगों की इस तरह व्यक्तिगत निगरानी करना उनके मौलिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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नेताओं ने कहा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार है। ऐसे में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपराधी अथवा आतंकवादी की तरह चिन्हित कर उनकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रदेश को कथित रूप से ‘सर्विलांस स्टेट’ की ओर ले जाने वाली किसी भी कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
ज्ञापन के माध्यम से वामपंथी दलों और जनसंगठनों के नेताओं-कार्यकर्ताओं का निजी डेटा अथवा डोजियर तैयार करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, कार्यकर्ताओं को धमकाना बंद करने, नागरिकों के निजता के अधिकार की रक्षा करने तथा जन अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले वामपंथी कार्यकर्ताओं को कथित दमन का निशाना नहीं बनाए जाने की मांग की गई।