Sonbhadra News : छापेमारी भी बेअसर! अवैध पैथ लैब्स पर नहीं लग पा रहा लगाम, सिस्टम पर उठे सवाल
sonbhadra
4:56 PM, Apr 17, 2026
जिले में अवैध पैथोलॉजी लैब्स का ऐसा खतरनाक नेटवर्क खड़ा हो चुका है, जहां बिना योग्यता और बिना पंजीकरण के जांच कर मरीजों को गलत रिपोर्ट थमाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि छापेमारी के बावजूद ये.....


एनिमेटेड फोटो....
Share:
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में अवैध पैथोलॉजी लैब्स का ऐसा खतरनाक नेटवर्क खड़ा हो चुका है, जहां बिना योग्यता और बिना पंजीकरण के जांच कर मरीजों को गलत रिपोर्ट थमाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि छापेमारी के बावजूद ये लैब्स बच निकल रहे हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि या तो सिस्टम पूरी तरह नाकाम है या फिर इस ‘मौत के कारोबार’ को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है।
ताजा मामला शाहगंज क्षेत्र का है, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में छापेमारी की, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अवैध तरीके से संचालित डॉ0 नैतिक लाल पैथ लैब पर टीम की नजर तक नहीं गई, जबकि स्थानीय स्तर पर इस लैब के बिना पंजीकरण संचालित होने की चर्चा लंबे समय से हो रही है।
200 से ज्यादा अवैध लैब्स, सिस्टम मौन -
सूत्रों के मुताबिक जिले में 200 से अधिक पैथोलॉजी लैब्स संचालित हो रही हैं, जिनमें अधिकांश बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य स्टाफ के हैं। वैध लैब्स के मुकाबले अवैध लैब्स की संख्या चार गुना तक बताई जा रही है। इन लैब्स में अप्रशिक्षित लोग खून, यूरिन, शुगर जैसी गंभीर जांच कर रहे हैं, जिससे गलत रिपोर्ट और गलत इलाज का खतरा लगातार बना हुआ है।
निजी क्लीनिकों से गठजोड़, मरीजों से वसूली -
जानकारों की मानें तो इन अवैध लैब्स का निजी क्लीनिकों से सीधा गठजोड़ है। कई डॉक्टर मरीजों को इन्हीं लैब्स में जांच के लिए भेजते हैं, जहां उनसे मनमानी फीस वसूली जाती है। यह पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे ‘स्वास्थ्य माफिया’ का रूप लेता जा रहा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल भी अछूता नहीं -
चौंकाने वाली बात यह है कि जिला अस्पताल परिसर में भी निजी लैब्स के एजेंट सक्रिय हैं। ये एजेंट भर्ती मरीजों के परिजनों से संपर्क कर सैंपल बाहर ले जाते हैं और जांच निजी लैब्स में कराते हैं। इससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।