Sonbhadra News : सोनभद्र बनेगा देश का नया ऊर्जा सुपर हब, 17 हजार करोड़ की मेगा परियोजना से 3660 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी
sonbhadra
10:53 PM, May 7, 2026
देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान बना चुके सोनभद्र को अब एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जनपद में करीब 17 हजार 181 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ग्रीनको ग्रुप की मेगा पंप्ड स्टोरेज पावर.....


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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बैजनाथ में ग्रीनको पीएसपी परियोजना को लेकर डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण
• हजारों युवाओं को रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सोनभद्र । देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान बना चुके सोनभद्र को अब एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जनपद में करीब 17 हजार 181 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ग्रीनको ग्रुप की मेगा पंप्ड स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस परियोजना के जरिए लगभग 3660 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा, जिससे न केवल प्रदेश बल्कि देश के ऊर्जा क्षेत्र को भी बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बुधवार को बैजनाथ क्षेत्र पहुंचकर प्रस्तावित परियोजना स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने परियोजना क्षेत्र में आने वाले गांव बैजनाथ, गुडूर, महुना, पिंडारी, रानीडीह एवं कुम्हारवार की भूमि, वन क्षेत्र एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी ली।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा भूमि संबंधी समस्याओं और तकनीकी पहलुओं की जांच लगभग पूरी कर ली गई है। आगामी दो से तीन कार्य दिवसों में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी, जिसके बाद परियोजना निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि यह परियोजना सोनभद्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास की तस्वीर बदलने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर होने वाले निवेश से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। अनुमान है कि परियोजना से करीब तीन हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन निवेश को बढ़ावा देने तथा विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी सभी विभागीय प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।