Sonbhadra News : पुलिस टीम पर पथराव, 32 नामजद समेत 20-25 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज
sonbhadra
7:40 PM, Sep 27, 2026
दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोपन थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 362/26 से संबंधित कई वांछित आरोपी महुआखुर्द निवासी कमलेश यादव उर्फ नेता के घर पर मौजूद हैं।


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शांतनु कुमार/घनश्याम पांडेय
सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के महुआंव खुर्द गांव में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में चोपन थानाध्यक्ष गोपाल जी गुप्ता पुत्र दीनानाथ की तहरीर पर 20 सितंबर को चोपन थाने में ही 32 नामजद और 20-25 अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 125(ए), 121(1), 191(2) तथा आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
चोपन थानाध्यक्ष गोपाल जी गुप्ता द्वारा दी गयी तहरीर में बताया गया कि 20 सितंबर 2026 को पुलिस टीम के साथ करगरा मोड़ पर मौजूद थे। इसी दौरान एसओजी प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा और गुरमा चौकी प्रभारी श्रीप्रकाश भी पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। टीम वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के संबंध में आपस में बातचीत कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोपन थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 362/26 से संबंधित कई वांछित आरोपी महुआखुर्द निवासी कमलेश यादव उर्फ नेता के घर पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम कमलेश यादव के घर पहुंची।
पुलिस का आरोप है कि कमलेश यादव घर के बाहर आया था और पुलिस को देखते ही तेजी से घर के अंदर चला गया। इसके बाद घर का दरवाजा बंद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, कमलेश यादव ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए फांसी लगाने की बात कही और इसके लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी।
आरोप है कि इसके बाद परिवार के लोगों और आसपास मौजूद लोगों को एकत्र किया गया। पुलिस के मुताबिक, करीब 20-25 अज्ञात लोगों समेत कई परिजनों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया। कुछ लोगों ने छत से और कुछ ने नीचे से पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर बरसाए।
पथराव में एसओजी प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रामज्ञान सिंह यादव, हेड कांस्टेबल अजय यादव, हेड कांस्टेबल रविन्द्र यादव, कांस्टेबल मंटू सिंह और कांस्टेबल राहुल कुमार यादव घायल हुए।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ धारा 132, 125(a), 121(1), 191(2) बीएनएस और धारा 7 आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अभयनाथ सिंह यादव को सौंपी गई है।