Sonbhadra News : ब्लैकमेलिंग और साइबर उत्पीड़न से युवक को आत्महत्या के लिए किया मजबूर, राजस्थान से 5 आरोपी गिरफ्तार
sonbhadra
1:42 PM, May 12, 2026
जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लैकमेलिंग, साइबर उत्पीड़न और धन उगाही कर युवक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है........


पुलिस की गिरफ्त में साइबर अपराधी......
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आनन्द कुमार चौबे/प्रकाश खत्री (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लैकमेलिंग, साइबर उत्पीड़न और धन उगाही कर युवक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान से गिरोह के पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, 6 हजार रुपए नगदी और घटना में प्रयुक्त सिम बरामद किया हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) ऋषभ रुणवाल के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस, साइबर थाना तथा एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर यह सफलता हासिल की।
आत्महत्या के बाद खुला साइबर ब्लैकमेलिंग का राज -
आज पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रुणवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गत 29 अप्रैल को अंकिता पाठक पत्नी स्व0 राजेंद्र पाठक ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर बताया कि उनके पति ने 7/8 अप्रैल की रात अपने नवनिर्मित मकान में आत्महत्या कर ली थी। प्रारंभ में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन बाद में मृतक के मोबाइल फोन की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि अज्ञात साइबर अपराधी लगातार मृतक को धमकाकर धन की मांग कर रहे थे। ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर मृतक कई बार आरोपियों के खातों में पैसे भी भेज चुका था। बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल चैट के तकनीकी विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि साइबर उत्पीड़न और मानसिक दबाव के चलते ही मृतक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
राजस्थान से जुड़े साइबर गिरोह तक पहुंची पुलिस -
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रॉबर्ट्सगंज में धारा 108 व 308(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना, एसओजी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी जांच में सामने आया कि वीडियो कॉल राजस्थान के अलवर जनपद से की गई थी, जबकि जिस खाते में पैसे भेजे गए वह महाराष्ट्र का था और धनराशि राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से निकाली गई थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में धमकी देकर उगाही करने वाले, बैंक खातों से पैसा निकालने वाले और फर्जी दस्तावेजों के जरिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले सदस्य शामिल हैं।